राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु बोलीं – शांत मन ही विश्व शांति की नींव

अजमल शाह
अजमल शाह

लखनऊ में आयोजित प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय के राज्य स्तरीय “विश्व एकता एवं विश्वास के लिए ध्यान (योग)” कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राजयोग के जरिए आध्यात्मिक चेतना, विश्व शांति, और मानवीय मूल्यों की महत्ता पर गहरा संदेश दिया।

मन शांत हो, विचार शुद्ध हों तो टिकता है विश्वास

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि “विश्वास वहीं टिकता है, जहां मन शांत, विचार स्वस्थ और भावनाएं शुद्ध हों।”
उन्होंने बताया कि सशक्त आत्मा ही विश्व एकता की असली आधारशिला है। शांत और स्थिर मन समाज में शांति का बीज बोता है और यही बीज आगे चलकर विश्व शांति की नींव बनता है।

“वसुधैव कुटुम्बकम्” – भारत की सबसे बड़ी देन

अपने संबोधन की शुरुआत “ओम शांति” से करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन संस्कृति ने हमेशा ही दुनिया को वसुधैव कुटुम्बकम्—“सारा विश्व एक परिवार”—का संदेश दिया है।
आज जब मानवता अनेक वैश्विक चुनौतियों से जूझ रही है, यह विचार और भी प्रासंगिक हो गया है।

भारत सरकार के समावेशी प्रयासों की सराहना

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि सरकार समाज को अधिक शांतिपूर्ण और समावेशी बनाने के लिए लगातार पहल कर रही है— योग को वैश्विक पहचान मूल्य-आधारित शिक्षा का विस्तार पर्यावरण जागरूकता के लिए मिशन लाइफ महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समावेश के कार्यक्रम ये कदम मानव मूल्य और विश्व शांति के मार्ग को मजबूत करते हैं।

G20 का संदेश: One Earth, One Family, One Future

उन्होंने G20 समिट का उल्लेख करते हुए कहा कि यह थीम दुनिया को यह समझाती है कि मानवता का भविष्य संवाद, सहयोग, विश्वास और आध्यात्मिक चेतना पर टिका है।

टेक्नोलॉजी बढ़ी, लेकिन तनाव भी बढ़ा

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेस साइंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में प्रगति के बीच उन्होंने चेताया कि— “तकनीकी उन्नति के साथ तनाव, अविश्वास और एकाकीपन भी बढ़ रहा है। इसलिए जरूरी है कि हम भीतर झाँकने की यात्रा शुरू करें।”

“आनंद कहीं बाहर नहीं—हमारे भीतर है”

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि मनुष्य अक्सर बाहरी वस्तुओं में आनंद ढूंढता है, जबकि सच्ची शांति और आनंद उसके भीतर ही मौजूद है।
राजयोग इसी आत्मिक जागृति का माध्यम है, जो मनुष्य के भीतर प्रेम, करुणा, भाईचारा और एकता जैसी भावनाओं को पुनर्जीवित करता है।

ब्रह्माकुमारीज के प्रयासों की सराहना

उन्होंने ब्रह्माकुमारीज द्वारा समाज में विश्व शांति नारी शक्ति मानवीय मूल्य ध्यान शिक्षा के क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों की जमकर प्रशंसा की और कहा कि यह अभियान एक सुंदर और शांतिपूर्ण विश्व का आधार बनेगा।

दीप प्रज्ज्वलन से शुरुआत, सांस्कृतिक प्रस्तुति ने बांधा समां

कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रपति मुर्मु ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। छात्राओं की पारंपरिक नृत्य प्रस्तुति ने माहौल को आध्यात्मिक बना दिया।
इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, ब्रह्माकुमार मृत्युंजय सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

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